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विष्णुपुराण के अनुसार मेहमान से नही पूछनी चाहिए ये 3 बातें, वरना हो जाती है अनहोनी

दुनिया कितमी भी तरक्की कर ले और सारे देश विकसित देश की सूची में गिने जाने लगे भारत हमेशा से ही सभ्यता के मामले में सबका नेतृत्व करता आया है। भारत प्राचीन काल से ही अपने संस्कृति और परम्पराओ के लिए जाना जाता है। यहां निवास करने वाला हर व्यक्ति अपनी सभ्यता और परंपरा को पूजता है, शायद यही वजह है कि आज भी दुनिया भर में भारत के संस्कृति को देखकर लोग आकर्षित होते हैं। हालांकि कुछ लोग अब पुरानी परम्पराओ में भरोसा नही करते लेकिन उसे निभाने वालो की संख्या भी अरबों में है।

जब से सृष्टि की रचना हुई भारत मे अतिथि देवो भवः की परंपरा चलती आ रही है जिसके अंतर्गत घर पर आने वाले सभी मेहमान को देवता समान स्वगत किया जाता है। कहते हैं ये देवता के समान होते हैं और इनकी सेवा-सत्कार को व्यक्ति का प्रथम धर्म माना गया है। जो व्यक्ति अतिथियों का सत्कार नही करता उसके घर मे गरीबी का प्रकोप बना रहता है। ये जानने के बावजूद भी कुछ लोग अतिथियों की सेवा नही करते बल्कि उनका तिरस्कार करते हैं।

जब भी आपके घर कोई अतिथि आते हैं तो आपकी यही इच्छा होती है कि वो यहां खुशी-खुशी वक़्त गुजारे लेकिन भूल चुके से आप उन्हें दुखी कर देते हैं। दरअसल कुछ ऐसी बातें होती है जो उनका दिल दुखा देता है इसलिए आपको वो बातें मालूम हुई चाहिए जो किसी भी अतिथि से नही बोलना चाहिए। हम विष्णु पुराण में लिखे नियमो के अनुसार 3 ऐसे सवाल के बारे में बताने जा रहे हैं जो भूलकर भी अपने घर आये मेहमान से नही पूछना चाहिए…

1. अतिथि का क्वालिफिकेशन

जब भी आपके घर कोई अतिथि आते हैं ये बात सोचने वाली है कि वो कोई इंटरव्यू के लिए नही आये हैं। वैसे भी बचपन से लेकर आज तक उनकी क्वालिफिकेशन ही पूछी गयी है यदि आप भी वही सवाल दुहराते हैं तो इससे उनके दिल को चोट पहूंचता है। खासकर यदि वो कम पढ़े-लिखे रहे तो उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है इसलिए ये सवाल कदापि न पूछें।

2. अतिथि की जाति या गोत्र

कुछ लोग अपने अतिथि के स्वागत के बीच उनकी जाति पूछ लेते हैं और गोत्र भी जानने की इच्छा रखते हैं। ऐसा नही करना चाहिए क्योंकि यदि उनका जाति निम्न रहा तो उन्हें शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है और सत्कार में कोई ये उम्मीद नही करता कि उसकी बेज़्ज़ती हो। इसलिए दूसरे सवालों की तरफ बढ़ें।

3. अतिथि से उनकी आय

कुछ लोग और कुछ न पूछकर सीधा मेहमान की सैलरी पूछ डालते हैं। ऐसा कदापि नही करना चाहिए क्योंकि हो सकता है कि उनकी आय आपसे कम हो। ऐसा होने पर वो आपके बीच असहज महसूस करने लगते हैं। इसलिए उनसे ये सवाल किए बिना उनकी सेवा सत्कार में लीन रहें। यदि आप ये तीन सवाल किए बिना मेहमानों का अच्छी तरह स्वागत करते हैं तो वो अगली बार भी आपके घर आना पसंद करेंगे। साथ ही वो आपकी सेवा भाव से प्रसन्न होंगे और कुछ सीखेंगे भी ताकि अगली बार आप उनके घर जाएं तो स्वागत में अधिकता रखें।

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