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टोटके छोड़िए सिर्फ इन 6 बातों पर दीजिए ध्यान, कभी नहीं होगी पैसों की कमी

हिन्दू धर्म के अनुसार पुराने समय से ही किसी समस्या को हल करने के लिए देवी देवताओं की पूजा को सर्वप्रथम स्थान दिया गया है। ऐसा कहा जाता है कि प्रत्येक देवी देवता हमारी इच्छा शक्ति के अनुसार पूजनीय है और उनकी पूजा से हमारी समस्याओं का हल व हमारी इच्छा पूर्ति भी होती है। धन स्वास्थ्य संतान आदि सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए देवी देवताओं की प्रार्थना वंदना का प्रावधान है। जहां तक धन व संपत्ति की बात आती है, तो आज के समय में इंसान की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। आज का इंसान पैसों के लिए हर वह कार्य करने के लिए तत्पर है जो शायद ही कभी उनके परिवार में भी किसी ने किया हो।

बहुत बार तो लोग प्रयोजन पूर्ण होने के लिए कुछ बहुत से टोने टोटके पूजा-पाठ भी करते हैं, परंतु वह जब तक विधि पूर्वक ना हो उनका असर भी विफल हो जाता है। हमारे शास्त्रों के अनुसार यदि हम उन पूजा पाठों को विधि पूर्वक करें तो हमें कभी भी धन की कमी नहीं होगी। तो आज हम अपने इस पोस्ट में आपको कुछ ऐसे ही नियम बताने जा रहे हैं जिनको अपनाकर आप के जीवन में धन की प्रतियोगिता होगी।

पितरों की पूजा महत्वपूर्ण

शास्त्रों के अनुसार कुछ मृत व्यक्ति हमारे पितरों में शामिल हो जाते हैं। वह मृत होने के बावजूद भी हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव डालते हैं यदि हम से प्रसन्न हो तो हमारे जीवन को सारे कष्टों से दूर करने की क्षमता रखते हैं और यदि हम से रुष्ट हो जाए तो हमारा सर्वनाश भी कर सकते हैं। उनकी इस रुष्टता से बचने के लिए हमें उन्हें प्रसन्न रखना बहुत ही आवश्यक हो जाता है। उसके लिए आपको अपने पितरों की पाठ पूजा समय-समय पर करते रहना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार हर माह की चतुर्दशी और अमावस्या पर उनकी पूजा विधान पूर्वक करने से हमेशा प्रसन्न रहते हैं। साथ ही हर अमावस्या पर पितृ देवता के लिए तर्पण करना भी शुभ माना जाता है।

कुलदेवी की पूजा

शास्त्रों के अनुसार हम जिस स्कूल से संबंध रखते हैं और कुल की कोई विशेष देवी जरूर होती है। पितरों के साथ-साथ उनकी पूजा का भी बहुत अधिक महत्व है। कुलदेवी की पाठ पूजा विधि विधानपूर्वक करने से वह हम पर प्रसन्न रहती हैं तथा कभी हमें कष्ट नहीं पहुंचाने देते। गणपति में बताया अनुसार कुलदेवी की पूजा करने से हमारी सभी बाधाएं व संकट हमसे कोसों दूर रहते है।

गृह लक्ष्मी का सम्मान

इतिहास गवाह है कि घर की बहू बेटी और मां को देवी का दर्जा दिया जाता रहा है और यदि हम किसी भी देवी को पूज ले परंतु यदि आप घर की लक्ष्मी का अपमान अनादर करते हैं तो आपके घर में धन धान्य की कमी रहेगी ही। शास्त्रों के बताए अनुसार हमें घर की स्त्री को पूर्ण सम्मान और आदर देना चाहिए ताकि आपकी किस्मत की रेखा आपसे कभी रुष्ट ना हो।

यथाशक्ति दान-पुण्य करें

कहा जाता है कि दान दक्षिणा देने का अवसर बहुत सौभाग्य से मिलता है और यदि आपको लगता है कि आप इस काबिल हैं तो आप अपनी आय का एक निश्चित भाग जरूर से सेवार्थ व दान दक्षिणा में लगाना चाहिए। दान दक्षिणा से मिलने वाला पुण्य हमारे जीवन के लिए उतना ही आवश्यक है। जितना जीवन के लिए सांसे। कहते हैं हम जितने अच्छे कर्म करते हैं उतने ही बुरे भी हो जाते हैं उन कर्म बुरे कर्मों से के प्रभाव से बचने के लिए आपको दान-दक्षिणा करते रहना चाहिए।

घर में साफ-सफाई का रखें ध्यान

शास्त्रों के अनुसार कोई भी देवी हो या देवता उसी घर में निवास करते हैं जिस घर में साफ सफाई का माहौल हो। आपको आपके घर में देवी देवता वास स्थान और रसोई की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साफ सफाई रखने से देवी देवता की कृपा हम पर बनी रहती है और जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है।

गाय को दें पहली रोटी

शास्त्रों के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि गाय में अट्ठासी करोड़ देवी देवताओं का वास होता है। मान्यता अनुसार रसोई की सबसे पहली रोटी गाय को खिलाने के सभी देवताओं को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता हैं। इसलिए प्रतिदिन एक रोटी गाय व एक हिस्सा कुत्ते के लिए निकलना शुभ रहता है औऱ इससे घर मे सुख-शान्ति कायम रहती है।

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