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पीरियड्स में ये बदलाव, लक्षण हैं बड़ी बीमारी के, भूलकर भी इग्नोर न करें इन्हें

महिलाओं के शरीर की बात करें तो पीरियड्स उनकी जिंदगी की एक महत्वपूर्ण शारीरिक अवस्था है। हर एक महीने बार बार आने वाले पीरियड्स महिलाओं के शरीर में हर बार नए नए बदलाब लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। हालाँकि यह बात अलग है कि इसकी वजह से महिलाओं को अक्सर बहुत सारी परेशानियो का सामना करना पड़ता है जिसमे से की मुख्य रूप से बहुत ही ज्यादा तेज दर्द, चिड़चिड़ापन, जी मचलाना और बेचैनी जैसी सामान्य समस्याएं देखने को मिलती है। पीरियड्स में होने वाली यह समस्याएं तो आम है पर जब आपके शरीर ने ये सभी समस्याएं बहुत ज्यादा होने लगे तो आपको एक अनजान खतरे की और इशारा करता है। बार बार परेशानियां होने के हालात में इन्फेक्शन, ब्रेन ट्यूमर , और इनफर्टिलिटी जैसी समस्या पैदा ही सकती है । इसलिए इसके बारे में आपको पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। तो चालिये बताते है आपको आज इसी के बारे में…

असमय मासिक धर्म

आमतौर पर बात करे तो पीरियड्स अमूमन 28 दिन के बाद ही आते है। पर अगर आपका पीरियड्स 21 से लेकर 45 दिनों के बीच कभी भी आता है तो यह भी प्रक्रिया आपके लिए सामान्य है। लेकिन अगर आपका पीरियड्स कभी 20 दिन तो कभी 45 दिन पर आता है तो यह आपके लिए चिंता का विषय है। इस तरह के अनियमित मासिक धर्म के पीछे की वजह तनाव, खानपान, व्यायाम और थाइरोइड जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके आप एक gyncologist से संपर्क करे तो और इसके पीछे की वजह को जानने की कोशिशें करें।

असहनीय दर्द

मासिक धर्म के दौरान यूँ तो हर एक आम महिला को दर्द से गुजरना पड़ता है। पर यह दर्द अगर हद से ज्यादा हो जाये तो आप यह बात समझने में बिलकुल भी देर न करें की आपके शरीर में किसी न किसी तरह की समस्या जरूर है। आपको बता दें की असहनीय दर्द के पीछे की वजह गर्भाशय में फाइब्रॉइड, पेल्विस में संक्रमण इत्यादि हो सकते है। समय पर इलाज न करवाने की स्थिति में यह बीमारी गंभीर रूप धारण कर लेती है।

ब्लीडिंग

मासिक धर्म के दौरान शुरूआती दिनों में ब्लीडिंग तो सामान्य है। पर अगर आपको बहुत लंबे वक़्त तक ब्लीडिंग का सामना करना पड़ता हो तो इसके पीछे मेनेरेजिया होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है। इसके साथ ही साथ पॉलिप्स, गर्भाशय का कैंसर इत्यादि समस्या भी इसके पीछे की वजह हो सकती है।

हल्की ब्लीडिंग

जहाँ एक और बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना भी खतरे की और इशारा करता है वहीँ कम ब्लीडिंग होना भी आपको किसी गंभीर बीमारी के होने का संकेत बताता है। अगर आपको भी पीरियड्स के दौरान बहुत ही कम ब्लीडिंग होती है तो आप यह बात समझ ले की आपके शरीर में पोषक तत्वों की मात्रा काफी कम हो चुकी है।

पीरियड्स के बीच में खून बहना

आमतौर पर यूँ तो ब्लीडिंग पीरियड्स के पहले 2 या 3 दिन में ही होता है पर अगर आपके केस में यह ब्लीडिंग पीरियड्स के बीच में होने लगे तो यह आपके लिए थोड़ी सी चिंता का विषय बन जाता है। इस तरह की प्रक्रिया को आमतौर ओर सामान्य प्रक्रिया ही मानी जाती है परंतु इसकी वजह कभी कभी प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन की कमी या यूरोटिन, एंडोमेट्रियल, सर्विकल या ओवेरियन कैंसर भी हो सकती है।

अत्यधिक क्लोटिंग

थोड़ी बहुत क्लोटिंग तो सामान्य बता है परंतु अत्यधिक क्लोटिंग के हालात में पोलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम, थाइरोइड या फिर खून से जुडी समस्याएं भी हो सकती है।

पीरियड्स का नही आना

पीरियड्स न आना इस बात की और इशारा करता है कि आप या तो प्रग्नेंट है या फिर आपको तनाव, बिमारी या फिर पोलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम जैसी समस्याएं होती है।

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